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AUS vs IND: क्या विराट कोहली मानेंगे सुनील गावस्कर की सलाह, हो सकता है बड़ा फायदा

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने विराट कोहली को लगातार ऑफ स्टंप के बाहर आउट होने पर सलाह दी है.

user-circle cricketcountry.com Written by Bharat Malhotra
Published: Dec 16, 2024, 12:16 PM (IST)
Edited: Dec 16, 2024, 12:17 PM (IST)

विराट कोहली एक बार फिर ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद पर ड्राइव खेलने के प्रयास में आउट हुए. सोमवार को ब्रिसबेन टेस्ट के तीसरे दिन कोहली ने जोश हेजलवुड की गेंद को ड्राइव करने की कोशिश की लेकिन इस प्रयास में वह विकेटकीपर एलेक्स कैरी को कैच थमा बैठे. भारत के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने कोहली को सलाह दी है कि उन्हें सचिन तेंदुलकर की सिडनी में साल 2004 में खेली गई पारी से सबक लेना चाहिए. गावस्कर ने कोहली से कहा है कि उन्हें उनकी ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद पर ड्राइव खेलने की इच्छा पर काबू रखना चाहिए.

सोमवार, 16 दिसंबर को कोहली सिर्फ तीन रन बनाकर आउट हो गए. कोहली ने शुरुआत में थोड़ा संयम दिखाया लेकिन अंत में वह ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद पर बल्ला अड़ाने का मोह नहीं छोड़ पाए. और एक बाहर की गेंद पर बल्ला अड़ाने का मोह वह छोड़ नहीं पाए. और सिर्फ तीन रन ही बनाकर पविलियन लौट गए.

ऑस्ट्रेलिया ने कोहली को लगातार ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद पर फंसाया है. और कोहली भी ऑफ स्टंप के बाहर की गेंदों पर ड्राइव खेलने के मोह को छोड़ नहीं पाए हैं.

आधिकारिक प्रसारणकर्ता से बातचीत में गावस्कर ने कहा कि कोहली को अपने हीरो सचिन तेंदुलकर से सबक लेना चाहिए. और देखना चाहिए कि कैसे उन्होंने सिडनी 2004 में कवर ड्राइव नहीं खेलने का फैसला किया था. उनका कहना है कि इससे कोहली को भी इस तरह की परेशानी से बचने में मदद मिलेगी.

गावस्कर ने कहा, ‘जी, मुझे लगता है कि प्रैक्टिस अलग बात है. लेकिन जो मैदान पर होता है वह अलग होता है. माइंडसेट पूरी तरह से अलग होता है. प्रैक्टिस में आपको पता है कि अगर आप खराब शॉट खेलेंगे तो आप उससे बच सकते हैं लेकिन अगर आप मैच में खराब शॉट खेलेंगे तो आप इससे बच नहीं सकते. आप आउट हैं तो आप आउट हैं.’

गावस्कर ने आगे कहा, ‘मुझे लगता है कि कोहली जो काम कर सकते हैं तो उन्हें देखना चाहिए कि सचिन तेंदुलकर ने साल 2004 में सिडनी में क्या किया था. पहले तीन टेस्ट मैचों में वह ऑफ स्टंप के बाहर की गेंदों पर शॉट खेलते हुए आउट हुएते. वह स्लिप, शॉर्ट गली में कैच हुए थे. जब वह सिडनी आए तो उन्होंने तय किया कि वह कवर के क्षेत्र में कुछ नहीं खेलेंगे. उन्होंने जो भी शॉट खेले वे सीधे या मिड-ऑफ फील्डर के दाएं में खेले. सभी शॉट उन्होंने दूसरी ओर खेले. और यही इलाज है. उन्होंने कोई कवर ड्राइव नहीं खेला. मुझे लगता है कि 200-220 पहुंचने के बाद उन्होंने एक कवर ड्राइव खेला. आको इस तरह का माइंड कंट्रोल होना चाहिए.’

सचिन ने उस पारी में नाबाद 241 रन बनाए थे. और यह उनके करियर की सबसे शानदार पारियों में गिनी जाती है. यह पारी संयम, तकनीक और जुझारूपन की एक मिसाल है. सचिन ने 436 गेंदों का सामना किया और ऑस्ट्रेलिया को कोई मौका नहीं दिया. भारत ने अपनी पारी सात विकेट पर 705 रन पर घोषित की थी.

विरा कोहली ने इस सीरीज के पहले मैच में सेंचुरी लगाई थी. लेकिन इसके बाद वह अगली चार पारियों में 15 रन से ज्यादा नहीं बना पाए हैं.

गावस्कर ने भरोसा जताया कि कोहली के पास अब भी मौका है कि वह वापसी करें और अपनी मानसिकर मजबूती दिखाएं.

उन्होने कहा, ‘कोहली ने पहले भी ऐसा दिखाया है. आप टेस्ट क्रिकेट में 9000 रन और 32 सेंचुरी बिना माइंड कंट्रोल के नहीं बना सकते. यहां भी दूसरी पारी है और इसके बाद दो टेस्ट मैच और हैं. और आपके पास अपना जवाब देने के लिए कई मौके होंगे.’

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गावस्कर ने कोहली के बारे में कहा, ‘कोहली सोच रहे होंगे कि वे मुझे आउट करने की योजना बना रहे हैं. उन्होंने दो स्लिप लगा ली हैं, दो गली हैं. सचिन तेंदुलकर के वीडियो के अलावा कोहली को अपनी भी बड़ी पारियों के वीडियो देखने चाहिए.’