जसप्रीत बुमराह पर नस्लवादी टिप्पणी के लिए ईशा गुहा ने मांगी माफी, रवि शास्त्री ने क्या कहा

कॉमेंटेटर ईसा गुहा ने जसप्रीत बुमराह पर अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगी है. उन्होंने कहा है कि उनका यह कहने का बिलकुल भी अर्थ नहीं था.

By Press Trust of India Updated: Dec 16, 2024, 1:35 PM IST

ब्रिसबेन: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यहां तीसरे क्रिकेट टेस्ट के दौरान भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को ‘प्राइमेट’ (मनुष्य जैसा जानवर) कहने वाली इंग्लैंड की पूर्व खिलाड़ी और कमेंटेटर ईशा गुहा ने सोमवार को अपनी नस्लवादी टिप्पणी के लिए माफी मांगी.

उन्होंने कहा कि गेंद के साथ भारतीय तेज गेंदबाज के शानदार प्रदर्शन का वर्णन करने के लिए गलत शब्द चुनने के लिए उन्हें ‘बेहद खेद’ है.

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ईशा ने यह टिप्पणी रविवार को टेस्ट के दूसरे दिन बुमराह द्वारा ऑस्ट्रेलिया के दोनों सलामी बल्लेबाजों को आउट करने के बाद ब्रेट ली द्वारा भारतीय गेंदबाज की प्रशंसा के जवाब में की थी.

ईशा ने फॉक्स क्रिकेट के लिए कमेंट्री करते हुए कहा था, ‘ठीक है, वह एमवीपी (सबसे बहुमूल्य खिलाड़ी) है, है ना? सबसे मूल्यवान प्राइमेट (नरवानर), जसप्रीत बुमराह.’

उन्होंने कहा, ‘वह है जो भारत को सफलता दिला रहा है और इसलिए टेस्ट मैच की तैयारी में उस पर इतना ध्यान था कि क्या वह फिट होगा.’

ईशा द्वारा ‘प्राइमेट’ शब्द के इस्तेमाल ने सोशल मीडिया पर तूफान खड़ा कर दिया क्योंकि प्रशंसकों ने उनकी आलोचना की और इस 39 वर्षीय पूर्व खिलाड़ी को माफी मांगने के लिए मजबूर किया.

ईशा ने तीसरे दिन के खेल की शुरुआत में कमेंट्री के दौरान कहा, ‘कल कमेंट्री में मैंने एक ऐसे शब्द का इस्तेमाल किया जिसका कई अलग-अलग तरीकों से मतलब निकाला जा सकता है. मैं किसी भी तरह की ठेस पहुंचाने के लिए माफी मांगना चाहूंगी.’

उन्होंने कहा,‘जब दूसरों के प्रति सहानुभूति और सम्मान की बात आती है तो मैंने खुद के लिए बहुत ऊंचे मानक तय किए हैं. अगर आप पूरी बातें सुनें तो मेरा मतलब भारत के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक की सबसे ज्यादा प्रशंसा करना था और एक ऐसा खिलाड़ी जिसकी मैं बहुत प्रशंसा करती हूं.’

भारतीय मूल की ईशा कई वर्षों से फॉक्स स्पोर्ट्स की प्रसारण टीम में हैं. उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणियों में कोई दुर्भावना नहीं थी.

उन्होंने कहा, ‘मैं समानता की हिमायती हूं और एक ऐसी व्यक्ति हूं जिसने अपना करियर खेल में समावेश और समझ के बारे में सोचने में बिताया है. मैं उनकी उपलब्धि की विशालता को दर्शाने की कोशिश कर रही थी और मैंने गलत शब्द चुना है. इसके लिए मुझे बहुत खेद है.’

ईशा ने कहा, ‘मैं दक्षिण एशियाई मूल की हूं इसलिए मुझे उम्मीद है कि लोग समझेंगे कि इसमें कोई और इरादा या दुर्भावना नहीं थी. एक बार फिर मुझे वाकई बहुत खेद है.’

ईशा के माफी मांगने के समय उनके बगल में बैठे भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने इस मामले पर लाइव बात करने के लिए उनकी प्रशंसा की. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट भी वहां मौजूद थे.

शास्त्री ने कहा, ‘बहादुर महिला, लाइव टीवी पर माफी मांगने के लिए हिम्मत की जरूरत होती है. आपने इसे उन्हीं के मुंह से सुना है इसलिए जहां तक मेरा सवाल है तो यह मामला खत्म हो गया है.’

उन्होंने कहा, ‘लोग गलतियां करते हैं, हम सभी इंसान हैं. कभी-कभी जब आपके हाथ में माइक होता है तो उस समय कुछ चीजें हो सकती हैं. चलिए आगे बढ़ते हैं.’