क्या है बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के नाम की पीछे की कहानी, क्यों और कैसे हुई शुरुआत ?
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 1996 तक कुल 50 टेस्ट खेले गए थे, फिर दोनों देशों के बोर्ड ने 51वां टेस्ट मैच को खास बनाने के लिए पहल की और दोनों देशों के बीच खेले जाने वाली सीरीज को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का नाम दिया गया
Border-Gavaskar Trophy Name Story: भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीम बॉर्डर-गावस्कर सीरीज में आमने-सामने है. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले टेस्ट सीरीज को बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के नाम से जाना जाता है. बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के नाम के पीछे की कहानी काफी दिलचस्प है.
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 में पहली बार पांच मैचों की सीरीज खेली जा रही है. ऐसा पहली बार हुआ है कि बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में पांच मैच खेले जा रहे हैं.
बॉर्डर-गावस्कर सीरीज के नाम के पीछे की कहानी
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 1996 तक कुल 50 टेस्ट खेले गए थे, फिर दोनों देशों के बोर्ड ने 51वां टेस्ट मैच को खास बनाने के लिए पहल की और दोनों देशों के बीच खेले जाने वाली सीरीज को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का नाम दिया गया. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जाने वाले बॉर्डर-गावस्कर सीरीज की शुरुआत पहली बार 1996 में हुई. भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान एलन बॉर्डर के सम्मान में दोनों देशों के बीच खेले जाने वाले सीरीज का नाम रखा गया है क्योंकि उस समय टेस्ट क्रिकेट में इन्हीं दो बल्लेबाजों के नाम 10 हजार से ज्यादा रन थे.
1996-1997 में पहला बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी मैच दोनों देशों के बीच खेला गया, जिसमें भारतीय टीम की कप्तानी सचिन तेंदुलकर ने की थी और टीम इंडिया ने एकमात्र टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया को आसानी से सात विकेट से हरा दिया था. भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज नयन मोंगिया ने पारी की शुरुआत की और पहली पारी में शानदार 152 रन बनाकर भारत की जीत की नींव रखी.
10 बार भारत को मिली है जीत
1996 से अब तक 16 बार बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी खेली जा चुकी है, इसमें भारत ने 10 सीरीज को अपने नाम किया है, वहीं पांच बार ऑस्ट्रेलिया को जीत मिली है. एक सीरीज ड्ऱ़ॉ पर खत्म हुआ था.