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हार्दिक पांड्या अब 3D नहीं बल्कि 4D क्रिकेटर बन चुके हैं: किरण मोरे

हार्दिक पांड्या के कोच रहे किरण मोरे ने कहा कि पहले हार्दिक बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग करने में माहिर थे लेकिन अब तो उन्होंने इस खेल में अपना चौथा आयाम भी दिखा दिया है. उन्हें देखकर गर्व होता है.

user-circle cricketcountry.com Written by India.com Staff
Published: Jun 03, 2022, 08:53 AM (IST)
Edited: Jun 03, 2022, 08:53 AM (IST)

भारत के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज और पूर्व सिलेक्टर किरण मोरे (Kiran More) ने गुजरात टाइटन्स (GT) के कप्तान हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) की जमकर तारीफ की है. उन्होंने कहा कि यह स्टार ऑलरआउंडर अब ‘फोर डायमेंशियल’ (चार आयामी) खिलाड़ी बन गया है.

आईपीएल 2022 के मेगा ऑक्शन से पहले आईपीएल में आई नई फ्रैंचाइजी गुजरात टाइटन्स ने इस स्टार ऑलराउंडर को ड्राफ्ट के जरिए अपनी टीम का हिस्सा बनाया था और फिर उन्हें अपनी टीम का कप्तान घोषित किया. हार्दिक ने इससे पहले कभी किसी भी स्तर पर कप्तानी नहीं की थी और इसके अलावा उनकी बॉलिंग फिटनेस भी संदेह के घेरे में थी क्योंकि हार्दिक लंबे समय से पीठ की समस्या से जूझ रहे थे और वह लगातार गेंदबाजी से दूरी बनाए हुए थे.

लेकिन इस लीग के खत्म होने तक हार्दिक पांड्या ने सभी संदेह को खत्म कर दिया और अपनी कप्तानी के साथ-साथ उन्होंने अपनी बैटिंग और बॉलिंग से भी कमाल दिखा कर अपनी नई टीम को पहले ही प्रयास में चैंपियन बना दिया.

किरण मोरे ने एसजी पोडकास्ट पर बात करते हुए कहा, ‘आईपीएल 2015 में मेरे लिए सर्वश्रेष्ठ क्षण यह था कि जिस ढंग से गुजरात टाइटन्स ने क्रिकेट खेली वह लाजवाब था. और खासतौर से हार्दिक इस टीम के कप्तान बने और उन्होंने ट्रॉफी अपने हाथ में उठाई. उनका निजी प्रदर्शन भी बहुत शानदार था.’

उन्होंने कहा, ‘हार्दिक पांड्या मुंबई इंडियन्स से गुजरात टाइटन्स गए? यह उतना आसान नहीं होता कि आप किसी दूसरी टीम में जाएं और वहां सीधे कप्तान की भूमिका निभाएं और फिर चैंपियनशिप भी जीत लें.’

हार्दिक पांड्या के क्रिकेट में स्टार बनने से पहले के दिनों को याद करते हुए पूर्व क्रिकेटर और भारतीय सिलेक्शन कमेटी के पूर्व चेयरमैन किरण मोरे ने कहा, ‘उनकी आंखों में क्रिकेट के लिए भूख हमेशा दिखती थी.’

उन्होंने कहा, ‘वह इस खेल को खेलना चाहता था. क्रुणाल पांड्या (उनके बड़े भाई) ने मेरी अकैडमी ज्वॉइन की थी और हार्दिक भी वहां मौजूद रहता था. वह नेट्स के पीछे लगातार दौड़ता रहता था और बॉल पकड़ता रहता था. तब मैंने क्रुणाल को कहा था कि उसे भी नेट्स में अभ्यास के लिए लेकर आए और तब ही मैंने उसकी आंखों में वह भूख देखी थी.’

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59 वर्षीय किरण मोरे ने कहा, ‘मेरे लिए हार्दिक वह बच्चा था, जो हमेशा परफॉर्म करने को बेकरार रहता था. अब मैं यह मानता हूं कि वह 4 आयामी (फोर डायमेंशियल) खिलाड़ी है. इससे पहले वह थ्रीडी (त्रिआयामी) खिलाड़ी था क्योंकि तब वह बॉलर, बैटर और फील्डर था लेकिन अब वह कप्तान भी है. तो आपको इस पर गर्व होता है कि आपके पास एक ऐसा प्रतिभाशाली खिलाड़ी है.’