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मनोज तिवारी का महेंद्र सिंह धोनी के बाद अब गौतम गंभीर पर 'खुलासा', बोले- लड़ाई नहीं होती तो मेरा बैंक बैलेंस होता दमदार

जब से मनोज तिवारी ने क्रिकेट को अलविदा कहा है वह लगातार खुलासे कर रहे हैं. उन्होंने अब गौतम गंभीर के बारे में कहा है कि अगर वह उनसे लड़ाई नहीं करते तो उनका बैंक बैलेंस बहुत ज्यादा होता.

user-circle cricketcountry.com Written by Bharat Malhotra
Published: Feb 21, 2024, 01:01 PM (IST)
Edited: Feb 21, 2024, 01:01 PM (IST)

नई दिल्ली: मनोज तिवारी (Manoj Tiwary) लगातार खुलासे कर रहे हैं. बंगाल के इस क्रिकेटर से क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद लगातार आरोल लगा रहे हैं. अभी हाल में ही उन्होंने कहा था कि वह महेंद्र सिंह धोनी से पूछना चाहेंगे कि आखिर सेंचुरी बनाने के बाद भी उन्हें भारतीय टीम से क्यों ड्रॉप किया गया. तिवारी ने अब दावा किया है कि अगर वह कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान गौतम गंभीर के साथ लड़ाई नहीं करते तो उनका बैंक बैलेंस काफी ज्यादा होता.

मनोज तिवारी (Manoj Tiwary) ने घरेलू क्रिकेट में बंगाल के लिए शानदार प्रदर्शन किया है. वह गौतम गंभीर की कप्तानी में कोलकाता नाइट राइडर्स (Kolkata Knight Riders) के लिए भी खेले थे. तिवारी ने इंडियन प्रीमियर लीग के 2012 सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स का प्रतिनिधित्व किया था. इस सीजन में कोलकाता की टीम चैंपियन बनी थी. तिवारी ने पूरे सीजन में 260 रन बनाए थे. इस बल्लेबाज ने खुलासा किया कि मैदान के बाहर उनकी गौतम गंभीर से बड़ी लड़ाई हुई थी. इसका नतीजा यह हुआ कि 2014 के सीजन से पहले उन्हें रिलीज कर दिया गया.

केकेआर के साथ दो सीजन और खेल जाते तो… : Manoj Tiwary

आनंदबाजार पत्रिका से बातचीत में तिवारी ने दावा किया कि अगर वह कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के साथ दो-तीन सीजन टिक जाते तो काफी और पैसा कमा लेते.

मनोज तिवारी ने महेंद्र सिंह धोनी के बारे में क्या कहा

तिवारी ने कहा, ‘केकेआर के मेरे दिनों के दौरान, ड्रेसिंग रूम में मेरी गंभीर से बड़ी लड़ाई हुई थी. वह कभी सामने नहीं आई. केकेआर 2012 में चैंपियन बनी. उस समय मैंने चौका लगाकर टीम को जिताया था. मुझे केकेआर के लिए एक और सीजन खेलने का मौका मिला. अगर मैंने 2013 में गंभीर से लड़ाई नहीं की होती तो शायद मैं केकेआर के लिए दो-तीन सीजन और खेलता. इसका अर्थ है कि मुझे कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार पैसा मिलता जो बढ़ जाता. बैंक बैलेंस मजबूत होता. लेकिन मैंने उस बारे में कभी नहीं सोचा.’

Delhi Capitals में हुई गलतफहमी

तिवारी ने दिल्ली कैपिटल्स के अपने दिनों के बारे में भी चर्चा की. उन्होंने दावा किया कि उनके और टीम के बीच थोड़ी सी गलतफहमी हो गई थी जिसकी वजह से खीझ हो गई.

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इस पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने कहा, ‘जब मैं दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेल रहा था तब गैरी किर्स्टन टीम के कोच थे. मैं लगातार देख रहा था कि एक के बाद एक मैच में प्लेइंग इलेवन अच्छा नहीं कर रहा था. कॉम्बिनेशन ठीक नहीं था. योग्य खिलाड़ियों को खेलने का मौका नहीं मिल रहा था. कई खिलाड़ी चोट की वजह से बाहर थे. टीम का रिजल्ट अच्छा नहीं था. मैं सीधा उनके पास गया और कहा कि अगर आप मुझे प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं दे सकते हैं तो मुझे छोड़ दीजिए. तब मेरा अनुबंध ₹2.8 करोड़ था. मैंने यह कभी नहीं सोचा था कि वे इसे गलत समझेंगे और मुझे रिलीज कर देंगे. मैंने कभी अपने नुकसान के बारे में नहीं सोचा.’