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Gautam Gambhir on Rohit Sharma INTERVIEW: गंभीर को मिल रहा था सारा क्रेडिट- रोहित के इंटरव्यू पर मांजरेकर का बड़ा बयान
Sanjay Manjrekar का कहना है कि उन्हें लगता है कि रोहित शर्मा के ने खेलने का सारा क्रेडिट गौतम गंभीर को जा रहा था और इसी वजह से पूर्व भारतीय कप्तान का सामने आकर इंटरव्यू देना बहुत जरूरी था.
Written by Bharat Malhotra
Published: Jan 06, 2025, 12:21 PM (IST)
Edited: Jan 06, 2025, 12:21 PM (IST)

क्रिकेटर से कॉमेंटेटर बने संजय मांजरेकर अकसर ऐसे बयान देते हैं जो काफी सुर्खियां बटोरते रहते हैं. रविवार को टीम इंडिया के इस पूर्व बल्लेबाज ने ऐसा ही एक बड़ा बयान दिया. उन्होंने सिडनी टेस्ट के दूसरे दिन भारतीय कप्तान रोहित शर्मा के इंटरव्यू पर बड़ी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि रोहित इंटरव्यू देने शायद इसलिए आए क्योंकि उनके न खेलने का सारा श्रेय गौतम गंभीर ले रहे थे. रोहित बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के आखिरी टेस्ट मैच में नहीं खेले थे. उनकी गैरमौजूदगी में जसप्रीत बुमराह ने भारतीय टीम की कप्तानी की. भारत इस मैच में छह विकेट से हारा. और सीरीज ऑस्ट्रेलिया ने 1-3 से जीती.
रोहित शर्मा के आखिरी टेस्ट मैच में नहीं खेलने पर अटकलों का बाजार गर्म था. और इन सबके बीच शनिवार को मैच के दूसरे दिन रोहित ने लंच टाइम में खुद सामने आकर इन पर विराम लगाने की कोशिश की.
हालांकि मांजरेकर का मानना है कि रोहित खुद सामने इसलिए आए क्योंकि खराब फॉर्म से जूझ रहे रोहित को बाहर करने का सारा श्रेय गौतम गंभीर को मिल रहा था.
मांजरेकर ने स्टार स्पोर्ट्स के साथ खास बातचीत में कहा, ‘लेकिन… रोहित शर्मा के इंटरव्यू देने का एक और कारण भी था. वह कुछ चीजें साफ करना चाहते थे. कहीं-न-कहीं मुझे लगता है कि रोहित शर्मा को बाहर करने के बहादुरी भरे फैसले का श्रेय गौतम गंभीर को मिल रहा था. रोहित चीजें साफ करना चाहते थे. सच कहूं तो मुझे वह इंटरव्यू बहुत अच्छा लगा. सबसे पहले जब उन्होंने कहा कि वह प्लेइंग इलेवन में एक और खराब फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज को नहीं रख सकते. और इसी वजह से उन्होंने बाहर होने का फैसला किया. लेकिन इसमें और भी भावनाएं थीं.’
मांजरेकर ने आगे कहा, ‘एक और बात कई खिलाड़ी ऐसा कहते हैं कि ‘मैं अपना भविष्य तय करूंगा.’ इस राय से मुझे समस्या है. आप रिटायरमेंट को लेकर अपना भविष्य तय कर सकते हैं. लेकिन किसी अन्य का यह काम है कि बतौर खिलाड़ी या कप्तान आपका भविष्य तय करे.’
इस पूर्व बल्लेबाज ने कहा, ‘यह काम मुख्य चयनकर्ता का है. चाहे आप कितने ही बड़े क्यों हों आपको पद का सम्मान करना होगा. अगर मुख्य चयनकर्ता बहुत मजबूत हैं और वह भारतीय क्रिकेट के दीर्घकालिक लाभ के लिए सोचता है तो उसे पूरा हक है कि वह यह फैसला करे कि आपका करियर अब खत्म होना चाहिए या आपको कुछ और मैच या सीरीज मिलनी चाहिए. रिटायमेंट आपके हाथ में है लेकिन भारत के लिए खेलना नहीं.’
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