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जब वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर ने 23 रन से मिस कर दी थी फरारी, क्या है मामला

कूच बिहार ट्रॉफी में अगर आर्यवीर सहवाग 23 रन और बना देते तो वह उस कार के हकदार हो जाते जो कई लोगों का सपना होता है. वीरेंद्र सहवाग ने अपने बेटों से वादा किया कि अगर वह उनका टेस्ट में सर्वाधिक स्कोर 319 को तोड़ देंगे तो उन्हें फरारी गिफ्ट की जाएगी.

user-circle cricketcountry.com Written by Bharat Malhotra
Published: Jan 07, 2025, 08:39 AM (IST)
Edited: Jan 07, 2025, 08:40 AM (IST)

नई दिल्ली: जैसा बाप वैसा बेटा. जिस अंदाज के लिए वीरेंद्र सहवाग जाने जाते थे उसी अंदाज में उनका बेटा भी खेलता है. हाल ही में कूच बिहार ट्रॉफी में उनके बेटे आर्यवीर ने 297 रन की पारी खेली थी. अपनी पारी में वह तीन रन से ट्रिपल सेंचुरी से चूके. लेकिन इसके साथ ही अगर वह 23 रन और बनाते तो उन्हें और बड़ा तोहफा मिलता. आर्यवीर ने 90 के स्ट्राइक रेट से बल्लेलाजी की. आर्यवीर की पारी में 51 चौके और तीन छक्के शामिल थे. उनके खेल ने अपने पिता की पारी की याद दिला दी.

इसके बाद वीरेंद्र सहवाग ने अपने बेटे को फरारी का वादा भी याद दिला दिया. एक्स पर सहवाग ने मजेदार कॉमेंट किया. उन्होंने अपने बेटों से साल 2015 में एक वादा किया था. वादा यह कि अगर उनका कोई भी बेटा उनके 319 रन के रिकॉर्ड को तोड़ेगा तो वह उन्हें फरारी गिफ्ट करेंगे.

सहवाग ने एक्स पर लिखा, ‘बहुत अच्छा खेले @aaryavirsehwag. 23 रन से तुम फरारी से चूक गए. लेकिन बहुत बढ़िया. यह जज्बा यूं ही कामय रखो और तुम अपने पिता के ज्यााद सेंचुरी, डबल सेंचुरी और ट्रिपल सेंचुरी लगाओगे. खेल जाओ.’

सहवाग भारत की ओर से टेस्ट क्रिकेट में ट्रिपल सेंचुरी लगाने वाले पहले बल्लेबाज थे. उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 2004 में मुलतान में 309 रन बनाए थे. चार साल बाद उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ चेन्नई में 319 रन बनाकर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया था. वह भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं.

सहवाग ने करियर में गेंदबाजों को उन्होंने खूब परेशान किया. वह गेंदबाजों की खूब धुनाई करते थे. और उनका बेटा भी उन्हीं के अंदाज में खेल रहा है.

आर्यवीर सहवाग और उनके साथी ओपनर अर्णव बग्गा ने 180 रन की पार्टनरशिप की थी. आर्यवीर ने अर्णव के आउट होने के बाद भी अपना अंदाज जारी रखा था. और फिर धन्य नाकरा के साथ 246 रन जोड़े.

आर्यवीर तिहरे शतक के करीब थे लेकिन आरएस राठौड़ ने 107वें ओवर में उन्हें आउट कर दिया. इसके बाद दिल्ली ने अपनी पारी घोषित कर दी. दिल्ली का स्कोर 5 विकेट पर 623 रन था. दिल्ली ने मेघालय को पहली पारी में 260 रन पर आउट कर दिया. इस लिहाज से उसने पहली पारी के आधार पर बड़ी बढ़त हासिल कर ली.

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आर्यवीर को तब तो फरारी नहीं मिली लेकिन उम्मीद करते हैं कि वह जल्द ही अपने पिता के रिकॉर्ड को तोड़कर उस कार को हासिल करेंगे.